Monday, November 2, 2026
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भाजपा में गए निर्दलीय एमएलसी का क्या होगा?

भाजपा में गए निर्दलीय एमएलसी का क्या होगा?

दलबदल कानून के मुताबिक अगर कोई निर्दलीय एमएलसी किसी पार्टी में शामिल होता है तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है। तभी जैसे ही दलबदल कानून की धारा दो की उपधारा दो का जिक्र हुआ और मीडिया में खबर आई कि दोनों की सदस्यता समाप्त हो सकती है तो दोनों ने कहना शुरू किया कि वे भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं, बल्कि एनडीए में शामिल हुए हैं। हालांकि दोनों की सदस्यता की परची भी कटी है, जो मीडिया में वायरल हो रही है।

द न्यूज लॉन्चर डेस्क

बिहार में भाजपा की सहयोगी पार्टी जनता दल यू ने विधान परिषद के चुनाव में भाजपा पर भितरघात करने का आरोप लगाया था। अब उसके आरोप प्रमाणित हो रहे हैं। तिरहुत स्नातक सीट से निर्दलीय चुनाव जीते वंशीधर ब्रजवासी भाजपा में शामिल हो गए हैं। इतना ही नहीं सारण शिक्षक सीट से चुनाव जीते निर्दलीय राहुल राज भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। वंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज को शनिवार, 31 अक्टूबर को खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा में शामिल कराया। 

तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय वंशीधर ब्रजवासी ने जदयू के अभिषेक झा को 9,147 वोट से हराया। उधर सारण शिक्षक में राहुल राज ने जदयू के पुष्कर आनंद को 1,815 वोट से हराया। दोनों भाजपा में शामिल हो गए। समस्या यह है कि दलबदल कानून के मुताबिक अगर कोई निर्दलीय एमएलसी किसी पार्टी में शामिल होता है तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है। तभी जैसे ही दलबदल कानून की धारा दो की उपधारा दो का जिक्र हुआ और मीडिया में खबर आई कि दोनों की सदस्यता समाप्त हो सकती है तो दोनों ने कहना शुरू किया कि वे भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं, बल्कि एनडीए में शामिल हुए हैं और बाहर से समर्थन का वादा किया है। हालांकि दोनों की सदस्यता की परची भी कटी है, जो मीडिया में वायरल हो रही है।

इन दोनों की समस्या यह है भी कि बिहार विधान परिषद के सभापति अभी जदयू के रामवचन राय हैं। आपसी समझौते के तहत भाजपा के अवधेश नारायण सिंह की जगह रामवचन राय को सभापति बनाया गया। अगर वे अपनी पार्टी के साथ भितरघात का बदला चुकाना चाहें तो एक झटके में दोनों को अयोग्य ठहरा दें। लेकिन अगर भाजपा और जदयू में इस बारे में बातचीत होती है तो संभव है कि सभापति अगले कई बरसों तक मामले को लंबित रखें। हालांकि इसमें भी हारे हुए लोग अदालत जा सकते हैं। तभी यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले को कैसे सुलझाया जाता है।

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