Tuesday, November 3, 2026
The News Launcher Home ओपिनियन देश/दुनिया राज्य समाज साहित्य
देश/दुनिया

2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था, लेकिन कैसे?

2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था, लेकिन कैसे?

भाजपा और विपक्ष के बीच तीन फीसदी का अंतर है और 15 फीसदी वोट कट गए, इस बात को इसी रूप में देखने पर कुछ समझ में नहीं आएगा। लेकिन अगर कुछ अन्य बयानों के साथ इसे मिला कर देखेंगे तब समझ में आएगा कि राहुल कैसी डीप कॉन्सपिरेसी यानी गहरी साजिश की बात कर रहे हैं।

द न्यूज लॉन्चर डेस्क

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का कहना है कि 2024 का लोकसभा चुनाव पूरी तरह अवैध था। इसी आधार पर उन्होंने नरेंद्र मोदी को भी अवैध प्रधानमंत्री बताया है। चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में मतदाता सूची चुनाव में धांधली के तमाम आरोपों के सिलसिले में राहुल गांधी का यह अब तक का सबसे गंभीर आरोप है। राहुल गांधी 2024 के चुनाव को अवैध बताने के लिए एक आंकडा दे रहे हैं, लेकिन मुश्किल यह है कि वह आंकडा किसी को समझ में नहीं आ रहा है या यूं कहें कि कांग्रेस उसे समझा नहीं पा रही है।

कई टेलीविजिन डिबेट्स में यह सवाल उठा कि राहुल कह रहे हैं कि भाजपा और विपक्ष के बीच तीन फीसदी वोट का अंतर था और अब 15 फीसदी नाम कटे हैं तो इस वजह से चुनाव कैसे अवैध हो गया? एंकर सवाल पूछ रहे हैं और कोई भी व्यक्ति संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा है। कांग्रेस के बड़े नेताओं, खास कर संचार विभाग के तीनों बड़े नेताओं जयराम रमेश, पवन खेड़ा और सुप्रिया श्रीनेत को यह बात लोगों को समझानी चाहिए कि आखिर राहुल गांधी इन दो आंकड़ों से क्या संदेश देना चाहते हैं।

भाजपा और विपक्ष के बीच तीन फीसदी का अंतर है और 15 फीसदी वोट कट गए, इस बात को इसी रूप में देखने पर कुछ समझ में नहीं आएगा। लेकिन अगर कुछ अन्य बयानों के साथ इसे मिला कर देखेंगे तब समझ में आएगा कि राहुल कैसी डीप कॉन्सपिरेसी यानी गहरी साजिश की बात कर रहे हैं।

एक बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का है, जिसमें उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग की ग़डबड़ी पकड़ी जाने लगी तब एसआईआऱ शुरू कर दिया। क्या गड़बड़ी पकड़ी जाने लगी? इसे समझने के लिए इससे पीछे जाएं तो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के समय और उसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मतदान समाप्त होने के बाद मतदान प्रतिशत बहुत ज्यादा बढ़ रहा है। इस आधार पर कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने चुनाव आय़ोग की मदद से फर्जी मतदाता बनाए हैं और उनके वोट ईवीएम में डाले जाते हैं, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ता है।

तीसरी बात राहुल गांधी के बयान की यह बारीकी है कि भाजपा के लोकसभा सांसदों का चुनाव अवैध है। यानी कांग्रेस अपने वोट से जीती है पर भाजपा फर्जी वोटों के सहारे जीती है। इसी साजिश की बात राहुल कह रहे हैं। उनके हिसाब से चुनाव आयोग ने फर्जी मतदाता बनाए और उनके वोट भाजपा को डलवा कर चुनाव जिताया। फिर जब यह बात खुलने लगी तो एसआईआर के जरिए उनका नाम डिलीट कर दिया।

इससे साढ़े 13 करोड़ लोगों के वोट काटने के आरोपों का पूरा फोकस ही बदल जाएगा। इसीलिए कांग्रेस और राहुल गांधी अब वोट चोरी के साथ साथ चुनाव चोरी की बात भी करने लगे हैं। अगर राहुल की ओर से लगाए जा रहे साजिश के आरोप को एक लाइन में समझना हो तो वे कह रहे हैं कि विपक्ष तीन फीसदी वोट के अंतर से हारा, जबकि चुनाव आयोग ने तीन फीसदी से ज्यादा फर्जी वोट भाजपा और उसके सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के पक्ष में करा दिए।

Related Articles

Comments

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment